
अक्टूबर 2022 में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सीता पहाड़ी परिसर भक्ति और श्रद्धा के प्रकाश से आलोकित हो उठा। नौ दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और संध्या आरती का आयोजन किया गया। अंतिम दिवस पर भव्य महाआरती और दीप प्रज्वलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
पहाड़ी की प्राकृतिक गोद में सैकड़ों दीपों की रौशनी एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। स्वामी हरि नारायण दास जी महाराज ने अपने प्रवचन में शक्ति की उपासना को आत्मबल और समाजबल से जोड़ा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और संस्कार निर्माण का अवसर है।
इस आयोजन में स्थानीय महिलाओं और युवतियों की विशेष भागीदारी रही। आदिवासी समाज की मातृशक्ति ने भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ।
यह नवरात्रि महोत्सव सीता पहाड़ी को एक सक्रिय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ और समाज में सांस्कृतिक एकता का संदेश प्रसारित हुआ।