12 जनवरी 2022
जनवरी 2022 की वह पावन सुबह सीता पहाड़ी के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत थी। शंखध्वनि, वेद मंत्रों और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच “सीता पहाड़ी भगवान बिरसा मुंडा सेवा समिति” का औपचारिक शुभारंभ हुआ। प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित इस तपोभूमि पर, जहाँ मान्यता है कि माता सीता ने वनवास काल में अन्न बनाया और प्रभु श्रीराम ने रात्रि विश्राम किया, वहीं समाज सेवा के एक नए संकल्प का बीजारोपण किया गया।

परम पूज्य स्वामी हरि नारायण दास जी महाराज ने भूमि पूजन के अवसर पर उपस्थित संतों, ग्रामीणों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्था केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और गौ-सेवा के माध्यम से समाज उत्थान का कार्य करेगी।
यज्ञ कुंड की अग्नि के समक्ष सामूहिक संकल्प लिया गया कि सीता पहाड़ी को उसका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक सम्मान दिलाया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के गाँवों के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं थी—यह एक विचार का जन्म था, जो आने वाले वर्षों में सेवा, संस्कार और सामाजिक पुनर्जागरण का आधार बनने वाला था।